शिक्षा मनोविज्ञान अर्थ एवं इसकी उपयोगिता को दर्शाइए ?

 

शिक्षा मनोविज्ञान अर्थ एवं इसकी उपयोगिता को दर्शाइए ?

उपरोक्त विवेचन से स्पष्ट है कि शिक्षा मनोविज्ञान का क्षेत्र अत्यन्त विस्तृत है तथा इसमें मनोविज्ञान से सम्बन्धित उन समस्त क्षेत्रों का अध्ययन किया जाता है जो शिक्षा प्रक्रिया का नियोजन करने, संचालन करने तथा परिवर्तन करने की दृष्टि से उपयोगी हो सकती है ।।

1.10 शिक्षा मनोविज्ञान की उपयोगिता

शिक्षा मनोविज्ञान का बहुत विस्तार होने से इसके कार्यों का भी विस्तार हुआ है साथ इसकी उपयोगिता भी बढ़ी है । आज शिक्षा मनोविज्ञान शिक्षा जगत से जुड़े सभी व्यक्तियों को उनके कार्यो में करने में सहायता करता है अत: उनके लिए बहुत उपयोगी है । उदाहरणार्थ – 1.10.1 शिक्षा आयोजकों के लिए उपयोगिता
शिक्षा मनोविज्ञान मानव के क्रमिक, वृद्धि को बताता है साथ ही विभिन्न आयुवर्ग के बच्चों में अधिगम क्षमता को बताता है । अतः शिक्षा आयोजक शिक्षा मनोविज्ञान की सहायता से विभिन्न आयु वर्ग के बालकों की शिक्षा के उद्देश्य, पाठ्यचर्या निश्चित करते है इसके अतिरिक्त विभिन्न मानसिक क्षमता व रुचि वाले बालकों के लिए अलग प्रकार के पाठ्यक्रम तैयार करते है इतना ही नहीं शैक्षिक समस्याओं का समायोजन करने में भी शिक्षा मनोविज्ञान बहुत उपयोगी रहता है ।

शैक्षिक प्रबन्धकों व प्रशासकों के लिए उपयोगिता

शिक्षा जगत के प्रबन्धकों व प्रशासकों को प्रबन्ध करने व्यवस्था बनाने व उसे सुगम रुप में चलाने में शिक्षा मनोविज्ञान, बहुत अधिक सहायता करता है । प्रबन्धकों को संगठन में भर्ती करते समय यह देखना होता है कि किस कार्य के सम्पादन के लिए किस प्रकार के व्यक्ति की आवश्यकता होगी अतः शिक्षा मनोविज्ञान उपर्युक्त व्यक्तियों के चयन में उनकी सहायता करता है । इसके अतिरिक्त प्रबन्धकों व प्रशासकों को कई शैक्षिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है, शिक्षा मनोविज्ञान उन समस्याओं को समझने व उनका समाधान करने में उनकी सहायता करता है इसलिए यह शैक्षिक प्रबन्धकों व प्रशासकों के लिए उपयोगी है । 1.10.3 प्रधानाचार्यों के लिए उपयोगी
प्रधानाचार्यों को विभिन्न प्रकार की भूमिका निर्वाह करना होता है जैसे प्रबंधक के रुप में, संगठनकर्ता के रुप और शिक्षक के रुप में । शिक्षा मनोविज्ञान का ज्ञान उन्हें इन सभी रुपों में कार्य करने में उपयोगी होती है । इसके साथ ही शिक्षा मनोविज्ञान के ज्ञान से वह स्वयं सम्पन्न की जाने विभिन्न क्रियाओं के मापन एवं मूल्यांकन की विधियों व उसमें आवश्यक सुधार की विधियों से भी परिचित होता है । अतः शिक्षा मनोविज्ञान के ज्ञान से प्रधानाचार्य अपनी क्रियाओं में हर दम सुधार करते रहते है ।।

शिक्षकों के लिए उपयोगिता

शिक्षा मनोविज्ञान का ज्ञान शिक्षकों के लिए निम्नलिखित कार्यों के सम्पादन में उपयोगी है – – शिक्षा के सम्प्रत्यय को समझने में सहायक
शिक्षा के उद्देश्यों की प्राप्ति की सम्भावनाओं एवं लक्ष्य सीमा निर्धारित करने में सहायक
– शिक्षा के पाठ्यक्रम निर्माण एवं चयन में सहायक – शैक्षिक मापन एवं मूल्यांकन में सहायक
शिक्षण विधियों के निर्माण एवं चयन में सहायक – शिक्षकों को अपने आपको समझने में सहायक
विदयार्थियों के समझने में सहायक – विद्यार्थियों के शैक्षिक एवं व्यावसायिक निर्देशन में सहायक
– विद्यालय संगठन में सहायक

अभिभावकों के लिए उपयोगी

| शिक्षा मनोविज्ञान में बालकों की शिक्षा में अभिभावकों की भूमिका को भी स्पष्ट किया गया है और इस भूमिका के निर्वाहन की विधियों को भी स्पष्ट किया गया है । इसके अध्ययन से अभिभावक इससे अवगत होते है कि बालकों की विशिष्ट शिक्षा उनकी अपनी बुद्धि, रुचि, अभिक्षमता रुझान पर निर्भर करती है । अत: वह अपने बच्चों को उनकी बुद्धि, अभिक्षमता रुचि, एवं रुझान के अनुसार ही शिक्षा के विशिष्ट क्षेत्रों की ओर प्रवृत करते है । इसके ज्ञान से वह अपने बालकों के प्रति व्यवहार को भी सही दिशा देते है ।
सारांश रुप से यह कहा जा सकता है कि शिक्षा मनोविज्ञान का ज्ञान शिक्षा से जुड़े सभी व्यक्तियों शिक्षा आयोजकों, शिक्षा प्रचारकों, प्रबन्धकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों सभी के लिये उपयोगी है । विशेषकर शिक्षकों के लिए अधिक उपयोगी है । |

स्वमूल्यांकन प्रश्न
1. संक्षिप्त में शिक्षा मनोविज्ञान की विशेषता बताइये । |
2. विद्यार्थी के लिए शिक्षा मनोविज्ञान की क्या उपयोगिता है ?
1.11 सारांश
| 1 शिक्षा का अर्थ
शिक्षा एक अनवरत चलने वाली सौद्देश्य प्रक्रिया है जिसके द्वारा मनुष्य की जन्मजात शक्तियों का विकास, उनके ज्ञान, कला-कौशल में वृद्धि तथा व्यवहार में परिवर्तन किया जाता है। इस प्रकार एक सुसंस्कृत सभ्य एवं श्रेष्ठ नागरिक का निर्माण किया जाता है । इसके द्वारा व्यक्ति एवं समाज दोनों का विकास होता है ।

2 मनोविज्ञान का अर्थ

मनोविज्ञान प्राणियों के व्यवहार मानसिक तथा दैहिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करता है। शाब्दिक अर्थ आत्मा का अध्ययन करना मनोविज्ञान कहलाता है मनोविज्ञान के अर्थ में कई परिवर्तन हुये वह संक्षेप में इस कार है –
आत्मा के विज्ञान के रुप में मनोविज्ञान
मन के विज्ञान के रुप में मनोविज्ञान – चेतना के विज्ञान के रुप में मनोविज्ञान
व्यवहार के विज्ञान के रुप में मनोविज्ञान

3 मनोविज्ञान, शिक्षा में सम्बंध

शिक्षा मनुष्य के ज्ञान, कला, कौशल में वृद्धि और उसके व्यवहार में परिवर्तन करने की प्रक्रिया है और मनोविज्ञान मनुष्य के व्यवहार के कारक प्रेरक एवं नियन्त्रक तत्वों के अध्ययनों का विज्ञान है । इन क्षेत्रों का सम्बन्ध मनुष्य के वांछित व्यवहार करने की प्रकिया से है । अतः शिक्षा व मनोविज्ञान क्षेत्र में गहरा सम्बन्ध होता है।

4 मनोविज्ञान का शिक्षा पर प्रभाव

शिक्षा मनोविज्ञान शिक्षा की सभी समस्याओं का समाधान मानव व्यवहार के आधार पर करता है । अत: इसके अध्ययन क्षेत्र एवं विषयवस्तु के रुप में अभिव्यक्त करता है । – मनोविज्ञान और शिक्षा का समप्रत्यय
मनोविज्ञान और शिक्षा के उद्देश्य मनोविज्ञान और शिक्षा का पाठ्यक्रम मनोविज्ञान और शिक्षण विधियां मनोविज्ञान और अनुशासन मनोविज्ञान और शिक्षक मनोविज्ञान और शिक्षार्थी मनोविज्ञान और विद्यालय
मनोविज्ञान और शिक्षा की अन्य समस्याएं 5 शिक्षा का मनोविज्ञान पर प्रभाव । शिक्षा द्वारा मनोविज्ञान का अध्ययन सम्भव होता है । । शिक्षा द्वारा मनोविज्ञान का ज्ञान सुरक्षित रखा जा सकता है । । शिक्षा मनोविज्ञान की विषय वस्तु में वृद्धि एवं विकास 6 शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ एवं परिभाषा
शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षणिक परिस्थितियों में मानव व्यवहार का अध्ययन करता है दूसरे शब्दों में शैक्षिक समस्याओं का वैज्ञानिक व तर्क संगत ढंग से समाधान करने के लिये मनोविज्ञान के आधारभूत सिद्धांतों का उपयोग करना ही शिक्षा मनोविज्ञान है । 7 शिक्षा मनोविज्ञान की विशेषताएं।
शिक्षा मनोविज्ञान का मुख्य केन्द्र मानव व्यवहार है । – शिक्षा मनोविज्ञान शिक्षा प्रक्रिया को सरल, सुगम व द्रुत बनाकर शिक्षण अधिगम का
मार्ग प्रशस्त करती हैं । शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षिक परिस्थितियों में मानव व्यवहार का अध्ययन । – शिक्षा मनोविज्ञान के अन्तर्गत सामान्य मनोविज्ञान के मूलभूत सिद्धान्तों तथा विधियों

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